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Office के cubicle से freelancing के आसमान तक

Updated: Nov 2, 2023




आज से कुछ सालों पहले तक जब भी हम freedom की बात करते थे,तो कितनी सारी चीज़ें गिनते थे, जैसे बोलने का freedom, freedom of expression, freedom to move, etc. but एक चीज़ को हमेशा भूल जाते थे या यूँ कह लो कि गिनते ही नहीं थे, वो था freedom of choice in career, इसका मतलब है अपने पसंद का career बनाना | पहले बहुत limited career options होते थे लोगों के पास,लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि career options और उन्हें opt करने के तरीके दोनों ही काफी change हो गए हैं |


अब लोग अपनी hobbies से related professional course select करते हैं और उसी में अपना career बनातें हैं | इसी के साथ एक बड़ा बदलाव यह भी आया है कि अब लोग typical 9 to 5 वाली jobs तक सीमित नहीं हैं, वो अब नए तरीके से independent और employed होना चाहते हैं, और इसमें एक तरीका है Freelancing का,जिसमें आप एक company के लिए काम तो करते हैं लेकिन office की चार दीवारों और कोई fixed timing में नहीं बंधे होते हैं | इसमें timing और salary package दोनों ही flexible होता है | Infact आप कितना काम करेंगे, कितने time तक काम करेंगे, किसी cafe में बैठेंगे या work from home करेंगे, ये भी आप ही decide करते हैं |


Freelancing के बारे में और ज़्यादा जानने के लिए हमने बात की, प्रखर मिश्रा से, जो "मेधा" के "स्वारम्भ" program में as a 'Program Manager' काम कर रहे हैं | अब Freelancing से पहले जानते हैं, कि मेधा और स्वारम्भ क्या है और ये क्या काम करते हैं? मेधा एक not for profit organization है जो youth के लिए काम करती है | इसके अलग-अलग courses और projects हैं जिनके द्वारा वो youth को skills related trainings और job opportunities provide करती है | इसका एक program है, “स्वारम्भ” जिसकी help से students, especially, female students को freelancing से related training देती है |


Freelance projects की help से female students कैसे अपना career बनायें और independent बनें, ये उन्हें स्वारम्भ की training में सिखाया जाता है और इसके जो target audience होते हैं वो 18 से 30 वर्ष के युवा होते हैं | इसकी शुरुआत प्रयागराज से हुई थी और आज ये program currently पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, बलिया के साथ साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाज़ियाबाद, शामली, और पटना में working हैं | इस program के 3 phases हैं - 1. ज्ञान ( Freelancing Orientation Bootcamp, जिसमे participants को उनके passion और aspirations को identify करने में, वो कैसे freelancing के द्वारा पैसे कमा सकते हैं और freelancing ecosystem को in detail जानने में help कि जाती है |), 2. कौशल (mentorship program, इसमें students को जिस sector में जाना हो उससे related mentorship किसी expert द्वारा दी जाती है, जिससे participants को sector से जुड़े सभी challenges और उनसे कैसे deal कर सकते हैं ये बताया जाता है | ), 3. क्षमता (Local / Hyperlocal "gig" project, इसमें participants को after training, एक और दो projects introduce किये जाते हैं, जिससे वह और भी knowledge और hands on experience gain कर पाएं ) |


प्रखर जी से बात-चीत के दौरान हमने उनसे पूछा कि कौन से ऐसे sectors हैं, जो आज कल students के बीच ज़्यादा popular हैं और उन्होंने हमें कुछ ऐसे sectors बतायें जिसमें urban और rural दोनो ही areas के students अपना career बनाना चाहते हैं...


  • Graphic Designing : Graphic designing, visual communication का एक तरीक़ा है | अक्सर लोगों को लगता है कि अगर उनकी art अच्छी है तो वो graphic designing कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है, art और graphic designing दो अलग चीज़े हैं | Graphic designing में कई elements use होते हैं जैसे design, typography, imagery, color, style, shape, etc.


  • Illustration : ये भी freelancers के बीच एक popular scope है, ये दो तरीक़े का होता है, digital और print. कई बार लोग इसमें और graphic designing में confuse हो जाते हैं but ये दोनों different हैं, illustration graphic designing का एक part है |


  • Fashion Designing : इस course के साथ ये धारणा बनी हुई है कि, ये किसी अगर expensive institute से किया जाये तो ही इसमें बड़ा career बना सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप किसी Government ITI college से भी ये course करते हैं और अच्छी knowledge रखते हैं तो भी इसमें काफी scope हो सकता है |


  • Content Writing : इस field की सबसे अच्छी चीज़ ये है कि अगर आप इसमें कोई professional course नहीं किये हैं लेकिन writing के basic rules जानते हैं और लिखने का शौक रखते हैं तो भी आप इसमें अपना career बना सकते हैं | Use of easy language, keen observation, open for creativity, etc. इसके basic rules हैं |


  • Photography : शादी से लेकर corporate world तक photography एक ऐसी need बन चुकी है जिसके लिए लोग एक पूरी team hire करने से भी पीछे नहीं हटते | यदि आप भी photography में as a freelancer work करना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर ये है कि अगर आप किसी team का हिस्सा न भी बनना चाहे तो भी आप as an individual किसी project के ऊपर काम कर सकते हैं | लेकिन ये बात याद रखना जरूरी है कि salary, project and experienced based ही offer होती है |


  • Makeup : आज कल as a makeup artist कई लोग अपना career इस field में बना रहे हैं, इसमें अपना career start करने के लिए आप छोटे functions में भी makeup work ले सकते हैं | आप पास के beauty parlors से भी associate कर सकते है, जो आपकी projects लेने में help कर सकते हैं |


  • Telecalling : इसमें as a freelancer आपका work ये होगा कि आपको company द्वारा एक sheet दी जाएगी, जिसमे users या clients के numbers होंगे जिस पर calling कर के कुछ specific details लेनी होगी | इसके लिए अच्छी communication skills होना बहुत जरूरी है |


  • Data Entry : Data entry different types की होती है, कुछ में आपको data की feeding करनी होती है और कुछ में आपको बस data का verification करना होता है | इसके लिए आपको excel की knowledge होनी चाहिए |


  • Home Decor : इसमें interior designing से लेकर handicraft की decoration तक सब शामिल होता है | Urban के साथ ये rural areas में भी काफी popular है | इस field में भी आप project के basis पर work कर सकते हैं |


  • Mehendi Artist : इसे हम usually एक hobby की तरह ही देखते हैं और इसमें career के बारे बहुत कम लोग ही हैं जो सोचते हैं, अगर आप भी उन कम लोगों में से हैं तो आपके लिए अच्छी खबर ये है कि इस field में भी लोगों की demand बढ़ रही है, और starting package भी काफी अच्छा होता है। Makeup की ही तरह मेहंदी designing के projects के लिए भी आप किसी beauty parlor से connect कर सकते हैं।


  • Video Editing : छोटी सी Instagram reel से लेकर corporate या wedding videos तक video editing की demand बढ़ रही है, यही reason है कि कई youngsters इसमें as a freelancer अपना career बना रहे हैं | ये 2 type की होती है, linear (Offline ) और non-linear (digital), अगर आप भी video editing और उसके tools की knowledge रखते हैं तो event video editor, VFX editor, etc. जैसे कुछ roles के लिए आप काम कर सकते हैं |


  • Web Development : जैसा कि इसके नाम से ही समझ आ रहा है, इसमें आपको company के work के according उसकी website बनानी होती है और अगर उस पर कोई issue आता है तो उसे solve करना होता है | इस work के लिए आपको office जाने की जरूरत नहीं है, ये आप घर बैठे भी कर सकते हैं |



अब बात अगर independence की हो रही है, तो challenges को हम कैसे भूल सकते है, आख़िर बिना challenge और hurdle कौन सी ही आज़ादी पायी है हमने, है ना ? तो इसी बात पर हमने प्रखर जी से request किया कि वो freelancing में students जो challenges face करतें हैं, उन पर थोड़ी रोशनी डालें,


  • Experience acceptance : इसका मतलब है कि, companies कई बार काफी high experience employees चाहती हैं और क्योकि ये freelancing concept अभी भी कई 2 tier cities में new है, तो वो इसके experience पर ज़्यादा भरोसा नहीं करती हैं | साथ ही में अगर freelancing करने वाला कोई student है, तो उसे इस challenge की वज़ह से बहुत अच्छे projects नहीं मिल पाते हैं |


  • Financial trust issues : ये एक ऐसा challenge है जो companies और freelancer दोनों ही face करते हैं ,companies को ये भरोसा नहीं होता है कि payment के बाद quality work मिलेगा या नहीं और freelancer को ये भरोसा नहीं होता कि work के बाद time पर payment होगा या नहीं | ख़ासकर new freelancers के साथ ऐसे कई किस्से सुनने में आये हैं, जहाँ उन्हें payment नहीं की गयी और lame excuses दिए गए |


  • Equipment : क्योंकि freelancers किसी contract में नहीं बंधे होते companies के साथ, तो वो उन्हें equipments जैसे laptop, mobile, camera, ect. नहीं provide करती हैं और अगर freelancer के पास अपने equipments नहीं हैं, तो work करना उसके लिए काफी मुश्किल हो जाता है |


अगर आप भी freelancing के through अपना career बनाने का सोच रहे हैं, तो कुछ websites ऐसी हैं जिनकी help आप ले सकते हैं,जैसे freelancer, upwork, fiber, trippy (for teaching), linkedin, etc.। लेकिन हाँ आपको ये mindset के साथ इस path को select करना होगा कि इसमें salary आपके experience और work quality के साथ ही बढ़ती है और initially आपको आपकी expectation से कम package offer किआ जा सकता है। So, उसी के according अपनी expectations को बहुत ज़्यादा high न रखें और साथ ही market research भी करते रहें और किसी भी project को छोटा न समझ कर,उससे एक नया experience लें।



 

जानें #Meetworks के बारे में :


#Meetworks” एक ऐसा platform है, जिसके द्वारा employers और job seekers आपस में connect कर सकते हैं | इसमें job seekers को “jobs near me”, “ratings & reviews”, “Call HR”, etc. जैसे features मिलते हैं | जिसकी help से वो अपने location के पास की companies के बारे में सारी details जान सकते है, जैसे वहां का माहौल, salary, company females के लिए कितनी safe है, etc. और ये सभी information company के employees द्वारा दी जाती है जो इन्हें verified बनाता है | इन jobs के लिए लिए apply करने से पहले आप company को direct contact भी कर सकते हैं |


वहीं employers को #Meetworks उनकी company के पास मौजूद job seekers को locate करने में help करता है | “Job invite” जैसे feature के द्वारा employer, app users के profile देख कर उनको interview के लिए direct invite भी भेज सकते हैं |


#Meetworks का aim youth को nearby और verified opportunities provide करना है और इसी लिए ये सारे features और information free of cost होती हैं, which means कि इसके कोई charges नहीं लगते हैं और हम नहीं चाहते कि भाषा हमारे और हमारे users के बीच problem बने इसीलिए दी गयी information Hinglish (Hindi + English) भाषा में होती हैं, जिसे users आसानी से समझ सकें |


#MeetworksMedha” द्वारा support किआ जाता है, जो कि एक not for profit organization है और इसका mission youth को “life after school” के लिए prepare करना है | Medha believes कि youth को बिना किसी भी भेद भाव के equal opportunities मिलनी चाहिए और #Meetworks उसका एक प्रयास है | Medha के और भी कई programs जैसे मेधावी, स्वपूर्ण और स्वारंभ, इसी aim के लिए work करते है |



#Meetworks पर available jobs के बारे में जानने के लिए इस link पर click करें :

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